कोशिश हम-तुम को समझने की…

कोशिश हम-तुम को समझने की…
हम जुदा रह नहीं सकते, हम खफा हो नहीं सकते,
हम कुछ जुदा कह नहीं सकते, दोस्त माना हैं रूठ नहीं सकते…
शिकायत नहीं कर सकते क्यूंकि मानते है तुम खास हो..
चाहत दोस्ती की बेपनाह है इस दिल में,
हम हर आरज़ू , हर लम्हा जाता नहीं सकते …
बस कोशिश करते है, हम-तुम को समझने की…

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